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भाग 11-वादों का
बिछौना
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संजीव और मीना
फ्लैट में
दाखिल हो चुके
थे। रात के
दूसरे पहर की
खामोशी बोल
रही थी।
अपने
ड्राइंगरुम
की बत्ती ऑन
करते हुए
सन्नाटे को
तोड़ा मीना
ने-“ जनाब, कुछ
खाएंगे-पीएंग&#\
2375; ? क्या
प्रोग्राम है
आपका?”
पार्टी में पी
मदिरा का
सुरूर अब तक
सिर चढ़ चुका
था। संजीव ने
पहले मीना को
एक टूक
देखा और फिर
अपने जवाब के
तौर पर
प्रस्ताव रखा
डाला-
“तुम्हारे
होंठों से
शराब पीने
की चाहत है
बंदे की। उसका
इंतज़ाम कर दो
तो खुदा क़सम
आज जन्नत मिल
जाए।”...........
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Puru Bhargav